इजराइल-हिजबुल्लाह युद्धविराम के ऐलान के बाद बेरूत में हुआ भीषण हवाई हमला, 24 लोगों की मौत

इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद, कुछ ही देर में इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हवाई हमले कर हिजबुल्लाह के कई ठिकानों को तबाह कर दिया। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम पर सहमति जताए जाने का स्वागत किया था, इसे उन्होंने एक सकारात्मक कदम और “गुड न्यूज” बताया था, लेकिन बाइडेन के बयान के तुरंत बाद इजराइल का यह हवाई हमला पूरे इलाके में एक नया संकट पैदा कर गया।
वॉशिंगटन और तेल अविव की प्रतिक्रियाएं
जो बाइडेन ने इस समझौते के बाद कहा, “यह एक बहुत अच्छी खबर है, क्योंकि दोनों पक्षों ने सीजफायर पर सहमति दी है, जिससे क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा मिल सकता है।” हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि संघर्ष विराम के बाद भी इजराइल को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिकार है, खासकर हिजबुल्लाह जैसी आतंकी संगठनों से। वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपने बयान में कहा कि अगर हिजबुल्लाह ने युद्धविराम का उल्लंघन किया तो इजराइल इसका कड़ा जवाब देगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह युद्धविराम गाजा में इजराइल और हमास के बीच संघर्ष पर कोई असर नहीं डालेगा, जो अब भी जारी है।
हमला और इसके परिणाम
इजराइल द्वारा किए गए ताजा हवाई हमले में कम से कम 24 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। यह हमला उस समय हुआ जब इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम की घोषणा की गई थी। हमले में हिजबुल्लाह के कई सैन्य ठिकाने तबाह हो गए, जिससे क्षेत्र में एक नई हिंसा की चिंगारी फैल गई। इस हमले ने इस बात को फिर से उजागर कर दिया कि इजराइल हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखने का इच्छुक है, भले ही उसने युद्धविराम की घोषणा की हो।
लेबनान के अधिकारियों के अनुसार, हमले में हुई मौतों के अलावा दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटनास्थल पर राहत कार्य तेजी से जारी हैं, लेकिन कई लोग मलबे में दबे होने की आशंका है। हिजबुल्लाह ने इजराइल के इस हमले को युद्धविराम का उल्लंघन बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इजराइल को चेतावनी दी है कि अगर यह हमला जारी रहा तो वे भी इजराइल के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं।
इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष की पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष ने 7 अक्टूबर 2023 को और तेज़ी पकड़ ली थी। उसी दिन, हमास ने इजराइल पर हमला किया था, जिसके बाद हिजबुल्लाह ने भी इजराइल पर हमले शुरू कर दिए थे। इसके बाद से ही इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच प्रतिशोध की लहर लगातार जारी है। दोनों पक्षों के बीच हुए संघर्ष में अब तक हजारों लोग मारे गए हैं और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।
इजराइल ने इस दौरान हिजबुल्लाह के कई ठिकानों और नेताओं को निशाना बनाया, जबकि हिजबुल्लाह ने भी इजराइल पर रॉकेट हमले और अन्य सैन्य कार्रवाइयां की। इजराइल के हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ किए गए हमलों ने गाजा और लेबनान में भी भारी तबाही मचाई।
गाजा में जारी युद्ध और उसकी भयावहता
गाजा में इजराइल और हमास के बीच करीब 14 महीने से चल रहे युद्ध में अब तक 44,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 104,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जैसा कि गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रिपोर्ट किया है। इस संघर्ष में घायल और प्रभावित लोगों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, और यह स्थिति दोनों पक्षों के लिए बेहद गंभीर बन गई है।
इस बीच, इजराइल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाइयों को जारी रखते हुए, युद्धविराम के बावजूद उन पर हमले करने की योजना बनाई है। इजराइल के रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख ने भी यह स्पष्ट किया है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे और अगर हिजबुल्लाह ने युद्धविराम का उल्लंघन किया तो इजराइल इसका मुंहतोड़ जवाब देगा।
नतीजे और भविष्य की स्थिति
हालांकि इजराइल ने युद्धविराम की घोषणा की है, लेकिन यह साफ नहीं है कि यह समझौता कितने समय तक लागू रहेगा। इस संघर्ष में शांति की उम्मीदें अब भी बनी हुई हैं, लेकिन घटनाओं के मोड़ ने यह जाहिर कर दिया है कि दोनों पक्ष अपनी रणनीतियों में बदलाव करने के बजाय अपने सैन्य लक्ष्यों को प्राथमिकता देने में अधिक रुचि रखते हैं।
यह घटना पूरे मध्य पूर्व के लिए एक चेतावनी के रूप में उभर रही है कि भले ही युद्धविराम की घोषणा की जाए, लेकिन क्षेत्रीय अस्थिरता और सुरक्षा चिंता
एँ अभी भी बरकरार हैं।
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